सुहागरात की पहली रात – सीमा की चूत-गांड फाड़ चुदाई पार्ट 2 - देसी हिंदी सेक्स स्टोरी Hindi Sex Stories
हाय दोस्तों, मैं सीमा फिर से अपनी कहानी सुना रही हूं। सुहागरात की वो पहली रात के बाद हमारा हनीमून गोवा में था। रोहन ने गोवा के एक प्राइवेट बीच रिसॉर्ट में बुकिंग कराई थी – समंदर के किनारे, नारियल के पेड़, नीली लहरें और हमारा कमरा सीधा बीच पर खुलता था। शादी की थकान थी, लेकिन उत्साह दोगुना।
पहले दिन हम बीच पर घूमे। मैंने बिकिनी पहनी – लाल रंग की, जो मेरे चुचों और गांड को अच्छे से हाइलाइट कर रही थी। रोहन की आंखें फटी रह गईं। वो बोला –
"सीमा... तू आज रंडी लग रही है... पूरी तरह मेरी!"
मैं शरमाकर हंसी। बीच पर लोग थे, लेकिन हम एक कोने में चले गए जहां ज्यादा भीड़ नहीं थी।
रोहन ने मुझे रेत पर लिटाया। सनस्क्रीन लगाने के बहाने हाथ मेरे शरीर पर फेरने लगा। चुचों पर हाथ रखा, निप्पल दबाए।
मैं सिहर गई –
"रोहन... कोई देख लेगा..."
वो बोला –
"देख ले, तू मेरी है।"
उसने बिकिनी टॉप साइड किया और चुचे चूसने लगा। मैं कराह रही थी। फिर उसने नीचे हाथ डाला, बिकिनी पैंटी सरकाई और उंगली चूत में डाली। मैं गीली हो गई। वो बोला –
"सीमा... तेरी चूत समंदर की तरह गीली है।"
हम कमरे में लौटे। दरवाजा बंद होते ही रोहन ने मुझे दीवार से सटाया। बिकिनी उतारी, मैं नंगी हो गई। उसने मुझे गोद में उठाया और बेड पर फेंका।
मेरे चुचे चूसने लगा – एक को मुंह में, दूसरे को मसलता। मैं चिल्लाई –
"आह्ह... रोहन... चूसो जोर से... काटो निप्पल!"
वो काटने लगा, दांत गड़ाए।
फिर वो नीचे गया। मेरी टांगें कंधों पर रखीं और चूत पर जीभ फेरी। मैं कमर उठाकर बोली –
"और अंदर... चाटो मेरी चूत... पूरा रस पी लो!"
वो जीभ अंदर डालकर चाटता रहा, क्लिटोरिस चूसता। मैं झड़ गई – पानी उसके मुंह पर छलक गया।
अब मैंने उसका लंड पकड़ा। स्विमिंग ट्रंक उतारा। लंड खड़ा था – मोटा, लंबा। मैंने मुंह में लिया। जीभ से चाटती, गले तक ले जाती। वो कराह रहा था –
"सीमा रंडी... चूस... पूरा मुंह भर ले!"
मैंने टट्टे भी चूसे।
फिर उसने मुझे डॉगी स्टाइल में लिया। पीछे से लंड चूत में घुसाया। तेज धक्के – भच्च-भच्च। मैं चिल्ला रही थी –
"फाड़ दो मेरी चूत... जोर से पेलो!"
वो गांड पर थप्पड़ मारता –
"ले रंडी... ले पूरा लंड!"
रात हुई। हम बीच पर गए – अंधेरा था, कोई नहीं था। मैंने साड़ी पहनी थी (रोहन की पसंद)। वो मुझे रेत पर लिटाया। साड़ी ऊपर की, ब्लाउज खोला। चुचे बाहर आए। वो चूसता रहा।
फिर लंड निकाला और चूत में डाला। समंदर की लहरें आतीं, हम चुदाई करते। मैं बोली –
"रोहन... बीच पर चुद रही हूं... कितना गंदा मजा है!"
वो बोला –
"सीमा... तेरी चूत समंदर से भी गीली है!"
फिर होटल के प्राइवेट पूल साइड। रात को पूल में उतरे। पानी में मैंने उसका लंड पकड़ा, चूसा। वो मुझे पूल के किनारे पर बिठाया, टांगें फैलाईं और चूत में लंड डाला। पानी छलक रहा था। मैं चिल्लाई –
"आह्ह... पानी में चुदाई... फाड़ दो!"
वो गांड में भी डाला – पानी से गीला लंड आसानी से घुस गया। दोनों छेदों में बारी-बारी चोदा।
एक रात कमरे में 69 पोजीशन। मैं ऊपर, चूत उसके मुंह पर, लंड मेरे मुंह में। हम दोनों चाटते-चूसते रहे। मैं झड़ती रही, वो भी मुंह में झड़ गया।
हनीमून के आखिरी दिन उसने कहा –
"सीमा... तेरी गांड आज पूरी तरह फाड़ूंगा।"
मैंने हां किया। वैसलीन लगाई, पहले उंगलियां, फिर लंड। दर्द हुआ लेकिन मजा दोगुना। वो पीछे से पेलता रहा। मैं चिल्लाई –
"रोहन... गांड मारो... मुझे रंडी बना दो!"
वो तेज हो गया, गांड में झड़ गया।
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सीमा
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