प्रिया आंटी की बैकस्टोरी: एक जलती हुई वासना की कहानी
दोस्तो, क्या तुमने कभी सोचा है कि वो पड़ोस वाली आंटी, जो साड़ी में इतनी शरीफ लगती है कि मोहल्ले के सब मर्द उसकी एक झलक के लिए तरसते हैं, उसके अंदर कितनी आग सुलग रही होती है?
आज मैं तुम्हें प्रिया आंटी की वो अनकही कहानी सुनाता हूं – वो कहानी जो शुरू होती है दिल्ली की गलियों से और पहुंचती है पंजाब के उस घर तक, जहां राहुल जैसा जवान लड़का उनकी चूत का गुलाम बन गया। ये कहानी है प्यार की, धोखे की, और सबसे ज्यादा... अनकाबू वासना की। चलो, शुरू से सुनाते हैं, जैसे कोई पुरानी फिल्म की स्क्रिप्ट हो।
बात है उन दिनों की जब प्रिया सिर्फ 18 साल की थी – दिल्ली के एक छोटे से घर में पली-बढ़ी, जहां पापा का छोटा सा बिजनेस था और मां घर संभालती थी। प्रिया बचपन से ही हसीन थी, दोस्तो। गोरा रंग, लंबे काले बाल जो कमर तक लहराते, और वो आंखें जो किसी को भी घायल कर दें।
स्कूल में लड़के उस पर लाइन मारते, लेकिन प्रिया पढ़ाई में लगी रहती। फिर आया कॉलेज का वक्त – एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज, जहां जिंदगी ने पहला ट्विस्ट लिया।
वहां मिला विक्रम – अमीर घर का लड़का, हैंडसम, पार्टीबाज। प्रिया को पहली नजर में प्यार हो गया। दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई – छुप-छुप कर मिलना, पार्क में किस करना, और रातों को फोन पर गंदी बातें।
विक्रम कहता,
"प्रिया, तेरी चूत कितनी मीठी होगी, आज चखा दे।"
प्रिया शर्मा जाती, लेकिन अंदर से गर्म हो जाती। एक रात पार्टी में विक्रम ने ज्यादा शराब पी ली। सब चले गए, सिर्फ दोनों बचे।
विक्रम ने प्रिया को दीवार से सटा लिया, उसके बूब्स दबाए, और पैंटी में हाथ डालने की कोशिश की। प्रिया चिल्लाई,
"नहीं विक्रम, रुक!"
लेकिन वो नहीं माना। किसी तरह प्रिया ने खुद को छुड़ाया, थप्पड़ मारा और भाग गई। वो रात प्रिया की जिंदगी बदल गई। प्यार का सपना टूटा, और अंदर एक आग लग गई – बदले की, वासना की।
विक्रम ने उसे इस्तेमाल करने की कोशिश की थी, लेकिन प्रिया ने फैसला किया कि अब वो किसी को इस्तेमाल नहीं होने देगी... बल्कि खुद इस्तेमाल करेगी।
कॉलेज खत्म हुआ, प्रिया ने शादी कर ली एक इंजीनियर से – वही अंकल जी, जो अब काम में इतने डूबे रहते हैं कि रातें खाली गुजरतीं। शादी के बाद पंजाब शिफ्ट हो गईं, दो बेटों की मां बनीं।
बाहर से देखो तो परफेक्ट फैमिली – प्रिया आंटी साड़ी में घूमतीं, मोहल्ले वाले उनकी मटकती गांड को देखकर मुठ मारते। लेकिन अंदर? अंदर तो तूफान था, यार। अंकल जी रात को थककर सो जाते, प्रिया की चूत रस टपकाती रहती।
वो रातों को अकेले लेटकर अपनी चूत में उंगली डालतीं, विक्रम की याद आती तो गुस्सा आता, और सोचतीं,
"काश कोई मुझे चाटता, गालियां देकर चोदता।"
धीरे-धीरे उन्होंने सीक्रेट लाइफ शुरू की – ऑनलाइन चैटिंग, जहां अनजान मर्दों से बातें करतीं।
"तेरा लंड कितना बड़ा है? मेरी चूत में घुसा दे,"
वो टाइप करतीं और दूसरी तरफ से आने वाली गंदी बातों से गीली हो जातीं।
एक बार तो हद हो गई – पड़ोस के एक जवान लड़के से अफेयर चला। वो लड़का 20 साल का, कॉलेज स्टूडेंट। प्रिया ने उसे घर बुलाया जब अंकल बाहर थे।
"आजा, आज तुझे सिखाती हूं चूत चाटना,"
वो बोलीं और लड़के को बाथरूम में खींच लिया। लड़के ने डरते-डरते जीभ लगाई, प्रिया ने उसके सिर को चूत में दबा दिया।
"चाट साले, मीठी चॉकलेट डालकर चाट!"
लेकिन लड़का डर गया, अफेयर दो-तीन मुलाकातों में खत्म। प्रिया की भूख और बढ़ गई।
फिर मिला एक डॉक्टर फ्रेंड – अंकल का दोस्त। उसके साथ चीटिंग शुरू हुई। डॉक्टर साहब को शहद और चॉकलेट वाली ट्रिक्स का शौक था। वो प्रिया की चूत पर शहद टपकाते, चाटते, और कहते,
"आज तुझे कुत्ता बनाऊंगा।"
प्रिया पागल हो जातीं – गालियां देतीं,
"चोद साले, फाड़ दे मेरी चूत!"
वो अफेयर महीनों चला, लेकिन डॉक्टर ने छोड़ दिया। प्रिया टूट गईं, लेकिन उनकी वासना ने उन्हें डोमिनेंट बना दिया। अब वो मर्दों को अपना गुलाम बनातीं – पैंटी लटकाकर ललचातीं, रात में सेक्स की आवाजें निकालकर तड़पातीं।
फिर आई राहुल की फैमिली। प्रिया ने राहुल को देखा – जवान, मासूम, लेकिन आंखों में वासना।
"ये मेरा शिकार होगा,"
सोचा उन्होंने। पैंटी जानबूझकर लटकाई, रात में अंकल के साथ जोर-जोर से सेक्स किया ताकि राहुल सुने। और वो रात जब राहुल पकड़ा गया, प्रिया की आंखों में चमक थी।
"आज तुझे अपना कुत्ता बनाऊंगी,"
सोचा उन्होंने। और बाकी तुम जानते हो – चूत चटवाई, मूत पिलाया, गांड चुदवाई।
प्रिया आंटी 38 की हैं, लेकिन अंदर से 25 की – उनकी जिंदगी एक कभी न खत्म होने वाली चुदाई की कहानी है। मोहल्ले वाले सोचते हैं वो संस्कारी हैं, लेकिन सच तो ये है कि उनकी चूत ने कितने लंड निगले हैं, गिनती नहीं।
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अनामिका
कहानीकार